सामग्री पर जाएँ

कलना

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

कलना ^१ संज्ञा स्त्री॰ [सं॰]

१. गणना । हिसाब । उ॰—देव सृष्टि की सुख विभावरी, ताराओं की कलना थी ।—कामायनी, पृ॰८ ।

२. आदान । ग्रहण (को॰) ।

३. रचना । उत्पन्न करना (को॰) ।

४. अधीनता । वश्यता (को॰) ।

५. बोध । प्रत्यय । ज्ञान (को॰) ।

६. धारण करना (को॰) ।

७. परित्याग । मोचन (को॰) ।

८. बनावट ।

९. छोड़ना ।

कलना ^२पु क्रि॰ स॰ [हिं॰ करना] करना । किसी कार्य को करना । उ॰—करि कंक संक आसुरनि उर कपर बत्त ता दिन कलिय ।—पृ॰ रा॰ २ । २८५ ।