कहना

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क्रिया[सम्पादन]

अनुवाद[सम्पादन]

हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

कहना ^१ क्रि॰ स॰ [सं॰ कथन, प्रा॰ कहन]

१. बोलना । उच्चारण करना । मुँह से शब्द निकालना । शब्दों द्वारा अभिप्राय प्रकट करना । वर्णन् करना । उ॰—(क) विधि, हरि, हर, कवि कोविद बानी । कहत साधु महिमा सकुचानी ।—तुलसी (शब्द॰) । मुहा॰—कह उठना = कहने लगना । कहना । उ॰—इस गजल ने वह लुप्त दिखाया और ऐसा रंग जमाया कि हमारे हबीब लबीब तक अहो हो कहो उठते थे ।—फिसाना॰, भा॰१, पृ॰ ९ । कहने न आना = अकथ्य होना । कहते न बन पड़ना । उ॰—कोने जाइ उपास भरै दुख कहत न आवै ।—नंद॰, ग्रं॰, पृ॰ २०१ । कहना बदना = निश्चय करना । छहराना । जैसे,— यह बात पहले से कही बदी थी । कह बदकर = (१) प्रतिज्ञा करके । दृढ़ संकल्प करके । जैसे,—तुम बदकर निकल जाते हो । (२) ललकारकर । खुले खजाने । दावे के साथ । जैसे,—हम जो करते है, कह बदकर करते हैं, छिपकर नहीं । कह बैठना = एकाएक कह देना । कह जाना । उ॰—और जो साहब कुछ कह बैठ?—फिसाना॰ भाग३, पृ॰ ५ । कहना सुनना = बातचीत करना । कहने को = (१) नाममात्र को । जैसे,—वे केवल कहने को वैद्य हैं । (२) भविष्य में स्मरण के लिये । जैसे,—यह बात कहने को रह जायगी । कहने सुनने को = दे॰ 'कहने को' । कहने की बात = वह कथन जिसके अनुसार कोई कार्य न किया जाय । वह बात जो वास्तव में न हो । सयौ॰ क्रि॰—उठना । डालना ।—देना ।—रखना ।

२. प्रकट करना । खोलना । जाहिर करना । जैसे,—तुम्हारी सूरत कहे देती है कि तुम नशे में हो । उ॰—मोंहि करत कत बावरी, किए दुराव दुरै न । कहै देत रँग रात के रँत निचुरत से नैन ।—बिहारी (शब्द॰) । संयो क्रि—देना ।

३. सूचना देना । खबर देना । जैसे,—वह किसी से कह सुनकर नहीं गया है ।

४. नाम रखना । पुकारना । जैसे,—इन कीड़े को लगो क्या कहते है?

५. समझाना । बुझाना । जैसे,— तुम जाओ, हम उनसे कह लेंगे । मुहा॰—कहना सुनना = (१) समझाना बुझाना । मनाना । (२) बिनती या प्रार्थना करना । जैसे,—हम उनसे कह सुनकर तुम्हारा आराध क्षमा करा देंगे । संयो॰ क्रि॰—देना ।—लेना ।

६. बहकाना । बातों में भुलाना । बनावटी बातें करना । मुहा॰—कहने या सुनने में आना = किसी की बनावटी बातों पर विशवास करके उसके अनुसार कार्य करना । जैसे,—चतुर लोग धूर्तों के कहने सुनने में नहीं आते । कहने पर जाना = किसी को बनावटी बातों पर विश्वास करना और उसके अनुसार कार्य करना ।

७. अयुक्त बात बोलना । भला बुरा कहना । जैसे,—(क) एक कहोगे, दस सुनोगे । (ख) हमें एक ही दस कह लो । संयो॰ क्रि॰ लेना ।

कहना ^१ संज्ञा पुं॰ कथन । बात । आज्ञा । अनुरोध । जैसे,—(क) उनका यह कहना है कि तुम पीछे जाना । (ख) वह किसी का कहना नहीं मानता । क्रि॰ प्र॰—करना ( = मानना) ।—टालना ( = न मानना) ।— मानना ।

कहना ^१ पु संज्ञा पुं॰ [हिं॰ कथन, हिं॰ कहन या कहना] कहाने का ढंग । उ॰—सीखि लीन्हों मीन मृग खंजन कमल नैन सीखि लीन्हों जस औ प्रताप को कहानो है ।—इतिहास पृ॰ ३८४ ।