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कार्पण्य

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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कार्पण्य संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. कृपण होने का भाव । कृपणता । कंजूसी । बखीली ।

२. दया । सहानुभूति (को॰) ।

३. गरीबी धनहीनता (को॰) ।