काला

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संज्ञा[सम्पादन]

पु॰

अनुवाद[सम्पादन]

विशेषण[सम्पादन]

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यह भी देखिए[सम्पादन]

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प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

काला ^१ वि॰ [सं॰ काल] [स्त्री॰ काली]

१. कागज या कोयले के रंग का कृष्ण । स्याह । यौ॰—काला कलूटा ।—काला भुजंगा काला चोर । काला पानी । काला जीरा । मुहा॰—काला काला होना = शंका या संदेह होना । उ॰—यह बनावट की बात है, इसमें कुछ काला काला जरूर है ।—फिसाना॰ भा॰ ३, पृ॰ ४०८ । (अपना) मुह काला करना = (१) कुकर्म करना । पाप करना । (२) व्यभिचार करना । अनुचित सहगमन करना । (३) किसी ऐसे मनुष्य का हटना या चला जाना जिसका हटना या चला जाना इष्ट हो । किसी बुरे आदमी का दूर होना । जैसे—जाओ, यहाँ से मुंह काला करो ।(दूसरे का मुँह काला करना =(१) किसी अरुचि कर या बुरी वस्तु या व्यक्ति को दूर करना । व्यर्थ वस्तु को हटाना । व्यर्थ की झंझट दूर हटाना । जैसे—(क) तुम्हें इन झगडों से क्या काम, जाने दो, मुँह काला करो । (ख) इन सबों को जो कुछ देना लेना हो, दे लेकर मुँह काला करो, जायँ । (२) कलंक का कारण होना । बदनामी का सबब होना । ऐसा कार्य करना जिससे दूसरे की बदनामी हो । जैसे—तुम आपके आप गए, हमारा भी मुँह काला किया । काला मुंह होना या मुंह काला होना = कलंकित होना । बदनाम होना । काली हाँड़ी सिरपर रखना = (१) सिर पर बदनामी लेना । (२) कलंक का टीका लगाना । काले कौवे खाना = बहुत दिनों तक जीवित रहना । विशेष—बहुत जीने वालों को लोग हँसी से ऐसा कहते हैं । ऐसा प्रसिद्ध है कि कौवा बहुत दिनों तक जीत्ता है ।

२. कलुषित । बुरा । जैसे—उसका हृदय बहुत काला है ।

३. भारी । प्रचंड । बड़ा । जैसे—काली आँधी । काला कोस । काला चोर । मुहा॰—काले कोसों = बहुत दूर । उ॰—ताते अब मरियत अपसेसन । मथुंरा हू ते गए सखी री अब हरि काले कोसन— सूर (शब्द॰) ।

काला ^२ संज्ञा॰ पुं॰ [सं॰ काल] काला साँप । जैसे—जा, तुझे काला डसे । क्रि॰ प्र॰—काले का काटना, खाना या डसना ।

काला ^३ संज्ञा॰ पुं॰ [सं॰ काल] समय । अवसर । काल । उ॰— चढ़िय रंगीले हिंठौर कहा कहौं तिहि काला ।—नंद॰ ग्रं॰, पृ॰ ३७५ ।

काला पु ^४ संज्ञा॰ स्त्री॰ [सं॰ कला] कला । माया । उ॰—भीखा हरि मटवर बहुरूपी जानहिं आपु आपनी काला ।—भीखा श॰, पृ॰ ३१ ।

काला ^५ संज्ञा॰ स्त्री॰ [सं॰]

१. कई पौधों के नाम ।

२. दक्ष प्रजापति की एक कन्या का नाम ।

३. दुर्गा [को॰] ।

काला कानून संज्ञा॰ पुं॰ [हिं॰ काला + कानून]

१. वह कानून या अध्यादेश जो लोकजीवन के विरुद्ध हो ।

२. अँगरेजी शासन में गवर्नर या वाइसराय द्वारा बनाए गए अध्यादेश या आर्डिनेंस जो जनता के विरुद्ध पड़ते थे ।

काला गाँड़ा संज्ञा॰ पुं॰ [हिं॰ काला + गन्ना] एक प्रकार की ईख जो बहुत मोटी और रंग में काली होती है ।

काला गेंडा संज्ञा॰ स्त्री॰ [हिं॰काला गाँडा] दे॰ 'काला गाँडा' ।

काला चोर संज्ञा॰ पुं॰ [सं॰]

१. बडा चोर । बहुत भारी चोर । वह चोर जो जल्दी पकड़ा न जा सके ।

२. बुरे से बुरा आदमी । तुच्छ मनुष्य । जैसे,—हमारी चीज है, हम काले चोर को देंगे, किसी का क्या ?

काला तिल संज्ञा पुं॰ [हिं॰ काला + सं॰ तिल] काले रंग का तिल । मुहा॰—(किसी का) काले तिल चबाना = (किसी का) दबैल होना । अधीन या वशवर्ती होना । गुलाम होना । जैसे— क्या तुम्हारे काले तिल चबाए हैं जो न बोलें ।