कुंतल

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

कुंतल संज्ञा पुं॰ [सं॰ कुन्तल]

१. सिर के बाल । केश । उ॰— श्रवण मणि ताटंक मंजुल कुटिल कुंतल छोर ।—सूर (शब्द॰) ।

२. प्याला । चुक्कड़ ।

३. जौ ।

४. सुगंधवाला ।

५. हल ।

६. संगीत में एक प्रकार का ध्रुपद, जिसके प्रति पाद में १६ अक्षर होते हैं ।

७. एक देश का नाम जो कोंकण और बरार के बीच में था ।

८. संपूर्ण जाति का एख राग जो दीपक का चौथा पुत्र में माना जाता है । इसके गाने का सम य ग्रीष्म ऋतु का दोपहर है ।

९. सुत्रधार (अने॰) ।

१०. वेष बदलनेवाला पुरुष । बहुरुपिया (अने॰) ।

११. राम की सेना का एक बंदर ।

कुंतल ^२ †; संज्ञा पुं॰ [अं॰ क्विन्टल] एक तौल । कुंटल ।