केवट

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

केवट संज्ञा पुं॰ [ सं॰ केवर्त, प्रा॰ केवट्ट] म्मृतियों के अनुसार कैवर्त क्षत्रिय पिता और वेश्या माता से उत्पन्न एक वर्णसंकर जाति थी । इस जाति के लोग आजकल नाव चलाने तथा मिट्टी खोदने का काम करते हैं । उ॰— तब केवट ऊँचे चढि जाई । कहेउ भरत सन भुजा उठाई । — तुलसी (शब्द॰) । यौ॰— केवटपाल = केवट के पालनेवाले श्रीराम । उ॰— तुलसी जाके होयगी अंतर बाहिर दीठि । सो कि कृपालुहिं देइगो केवटपालहिं पीठि ? । — तुलसी ग्रं॰, पृ॰ ९० ।