कौ
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]कौ पु ^१ संर्व॰ [हि॰] दै॰ 'कोई' । उ॰— ईसीय न दैवल पूतलो गयण सलुणा बचन सुमीत । ईसीय न खाती कौ घडह, इसी अस्त्री नहीं रवि तले दिठ । — बी॰ रासो , पृ॰ ४५ ।
कौ पु ^१ संर्व॰ [हि॰] दै॰ 'कोई' । उ॰— ईसीय न दैवल पूतलो गयण सलुणा बचन सुमीत । ईसीय न खाती कौ घडह, इसी अस्त्री नहीं रवि तले दिठ । — बी॰ रासो , पृ॰ ४५ ।