कौन

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

कौन ^१ सर्व॰ [सं॰ क:, पुन: किम्, प्रा॰ कवण] एक प्रश्नवाचक सर्वनाम जो अभिप्रेत व्यक्ति या वस्तु की जिज्ञासा करता है । उस मनुष्य या वस्तु को सूचित करने का शब्द जिसको पूछना होता है । जैसे, — (क) तुम्हारे माथ कौन गया था ? (ख) इन आमों में से तुम कौन लोगो ? मुहा॰— कौन सा = कौन । कौन किसका होता है ?= कौन किसके काम आता है । कोई दूसरे की सहायता नहींकरता । कौन होना = (१) क्या अधिकार रखना । क्या मतलब रखना । जैसे ,— तुम हमारे बीच बोलने वाले कौन होते हो । (२) क्या संबंध होना । क्या रिश्ता या नाता होना । जैसे,— वे तुम्हारे कौन हेते हैं ? विशेष— विभक्ति लगने के पहले कौन का रुप किस हो जाता है । जैसे— किसने, किसको, किससे, किसमें इत्यादि । यधपि संस्कुत के अनुसार हिंदी व्याकरणों में इस शब्द को केवल सर्वनाम ही लिखा है, तथापि जब इसके आगे संज्ञा शब्द भी आ जाता है, जैसे, ' कौन मनुष्य' — तब यह विशेषण के ही समान जान पडता है ।

कौन ^२ वि॰ किस जाति का ? किस प्रकार का ? जैसे, — थह कौन आम है, लँगडा या बंबई ?