क्षत्रसव

विक्षनरी से
Jump to navigation Jump to search

हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

क्षत्रसव संज्ञा पुं॰ [सं॰] वह यज्ञ आदि जो केवल क्षत्रिय ही कर सकते हों । जैसे, अश्वमेध ।