खक्खा

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

खक्खा ^१ संज्ञा पुं॰ [अ॰ कहकहा] जोर की हँसी । अट्टहास । कहकहा । उ॰—पाइ कै खबर खुबी खुशी मानि खक्खा मारि, खलक के खाली करबे कों खैर भरै सों ।—रघुराज (शब्द॰) ।

खक्खा ^२ संज्ञा पुं॰ [हिं॰ खत्री का, ख, या 'खक्खर']

१. पंजाबी सिपाही । विशेष—पंजाब के खत्री प्रायः अपने आप के 'रक्खा' कहा करते है; इसी से यह शब्द अनेक अर्थों में व्यवहृत होने लगा ।

२. अनुभवी पुरुष । तजुर्वेदार आदमी ।

३. बड़ा और उँचा हाथी ।