खानि

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

खानि ^१ संज्ञा स्त्री॰ [सं॰]

१. खाना । खदान उ॰—सो जहाँ हीरम की खानि हती तहाँ गयो—दौ सौ बावन॰, भा॰ २, पृ॰ १०३ ।

२. गुफा । कंदरा (को॰) ।

खानि ^२ संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ खानि या हिं॰ खान]

१. उत्पत्तिस्थान । उपजने की जगह । उ॰—दारिद बिदारिबे की प्रभु को तलास तो हमारे यहाँ अनगिन दारिद की खानि हैं ।—दास (शब्द॰) ।

२. वह जिसमें या जहाँ कोई वस्तु अधिकता से हो । खजाना । उ॰—हा गुणखानि जानकी सीता ।—तुलसी (शब्द॰) ।

३. ओर । तरफ । उ॰—यम द्वारे में दूत सब करते ऐचा तानि । उनते कभू न छूटता फिरता चारों खानि ।—कबीर (शब्द॰) ।

४. प्रकार । तरह । ढंग । उ॰—चार खानि जगजीव जहाना ।—तुलसी (शब्द॰) ।