गमन

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

गमन संज्ञा पुं॰ [सं॰] [वि॰ गमनीय, गम्य]

१. जाना । चलना । यात्रा करना ।

२. वैशेषिक दर्शन के अनुसार पाँच प्रकार के कर्मों में से एक । किसी वस्तु के क्रमशः एक स्थान से दूसरे स्थान को प्राप्त होने का कर्म । संभोग । मैथुन । जैसे,— वेश्यागमन ।

४. राह । रास्ता ।

५. सवारी आदि, जिनकी सहायता से यात्रा की जाय ।

६. प्राप्त करना । पहुँचना (को॰) । यौ॰—गमनागमन = आवागमन । आना जाना ।