गलाना

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

गलाना क्रि॰ स॰ [हिं॰ गलना का सकर्मक रूप]

१. किसी वस्तु के संयोजक अणुओं को पृथक् पृथक् करके उसे नरम, गीला या द्रव करना । जैसे—पानी में बताशा गलाना, आँच पर सोना चाँदी, राँगा आदि गलाना, खौलते पानी में दाल, चावल गलाना इत्यादि । संयो॰ क्रि॰—डालना ।—देना ।

२. नरम या मुलायम करना । पुलपुला करना । जैसे—यह दवा फोड़े को गला देगी ।

३. अणुओं को पृथक् करके किसी वस्तु को धीरे-धीरे लुप्त करना । बहुत थोड़ा थोड़ा करके क्षय करना । जैसे—यह दवा तिल्ली को गलाती है ।

४. (रुपया) खर्च करना । जैसे—तुमने हमारा बहुत रुपया गलाया ।