गवाह

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

गवाह संज्ञा पुं॰ [फा़॰] [संज्ञा गवाही]

१. वह मनुष्य जिसने किसी घटना को साक्षात् देखा हो । वह जिसके सामने कोई बात हुई हो ।

२. वह जो किसी मामले के विषय में जानकारी रखता हो । साक्षी । साखी । यौ॰—गवाह साखी । मुहा॰—गवाह देना = अपने दावे को सिद्ध करने के लिये प्रमाण- स्वरूप साक्षी उपस्थित करना । गवाह बनाना = (१) साक्षी वनाना । मुकदमे में किसी को गवाही देने के लिये नियत करना । (२) झूठा गवाह बनाना । गवाह ऐनी या रूयत = वह गवाह जिसने घटना अपनी आँखों दैखी हो । चश्मदीद गवाह । गवाह समाई = वह गवाह जिसने घटना आँखों से न देखी हो और जो सुनी सुनाई बात कहे । चश्मदीद गवाह = वह गवाह जिसने कोई घटना आँखों देखी हो ।