गोंद

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

गोंद ^१ संज्ञा पुं॰ [सं॰ कुंदरु या हिं॰ गूदा] गूदेदार पेड़ों के तने से निकला हुआ चिपचिपा या लसदार पसेव जो सूखने पर कड़ा और चमकीला हो जाता है । वृक्षों का निर्यास । उ॰— एक अंश वृक्षन को दीनों । गोंद होइ प्रकाश तिन कीनो । —सूर (शब्द॰) ।

गोंद ^२ संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ गुन्द्रा] एक प्रकार की घास जिससे गोंदरी बनाई जाती है ।

गोंद ^३ संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ गोंदि] दे॰ 'गोंदी' । उ॰—गोंद कली सम बिकसी ऋतु बसंत औ फाग । —जायसी (शब्द॰) ।