घेरा

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

घेरा संज्ञा पुं॰ [हिं॰ घेरना]

१. चारों ओर की सीमा । किसी तल के सब ओर के बाहरी किनारे । लंबाई चौडाई आदि का सारा विस्तार या फैलाव । परिधि । जैसे—(क) वह बगीचा दो मील के घेरे में है । (ख) उस घेरे के अंदर मत जाओ ।(ग) इस अँगरखे का घेरा बहुत कम है ।

२. चारों ओर की सीमा की माप का जोड । परिधि का मान । जैसे,— इस बगीचे का घेरा दो मील है ।

३. वह वस्तु जो किसी स्थान के चारों ओर हो (जैसे दीवार आदि ) वह जो किसी जगह को चारों ओर से घेरे हो ।

४. घिरा हुआ । स्थान । हाता । मंडल । जैसे, — उस घेरे के अंदर मत जाना ।

५. किसी लंबे ओर घन पदार्थ की चौडाई और मोटाई का विस्तार । पेटा । जैसे— इस धरन का घेरा ५० इंच है ।

६. सेना का किसी दुर्ग या गढ को चारों ओर से छेंकने का काम । चारों ओर मे आक्रमण । मुहासरा । क्रि॰ प्र॰— डालना । पडना ।