घोल

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

घोल ^२ संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. मथा हुआ दही जिसमें पानी न डाला गया हो । तक्र ।

२. लस्सी ।

२. घोलकर बनाई हुई वस्तु [को॰] ।

घोल †पु ^२ संज्ञा पुं॰ [हिं॰ घोड] घोडा । उ॰—काहुं कापल काहु धौल, काहु संबल देल थोल ।—कीर्ति॰ पृ॰ २४ ।