चंपकमाला

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

चंपकमाला संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ चम्पकमाला]

१. चपा के फूलों की माला ।

२. एक वर्णवृत्त का नाम जिसके प्रत्येक पद में भगण, मगण, सगण और एक गूरु (/?/) होता है । जैसे,— भूमि सगी काहू कर नाहीं । कृष्ण सगा साँचो जग माहीं ।