चरम

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

चरम ^१ वि॰ [सं॰] अतिम । हद दर्ज का । सबसे बढ़ा हुआ । चोटी का । पराकाष्ठा ।

चरम ^२ संज्ञा पुं॰

१. पश्चिम । यौ॰—चरमगिरि = अस्ताचल । उ॰—रुचिरचर निज कनक किरणों की तपन, चरमगिरि को खींचता था कृपण सा ।— ग्रंथि॰, पृ॰ ६६ ।

२. अत । यौ॰—चरमकाल = अंतकाल । मुत्यु का समय ।

चरम ^३ संज्ञा पुं॰ [सं॰ चर्मन्] दे॰ 'चर्म' । यौ॰—चरमदृष्टि पु = दे॰ 'चर्मदृष्टि' ।