चरमोत्कर्ष

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

चरमोत्कर्ष संज्ञा पुं॰ [सं॰] अत्यंत उन्नति । सर्वापरि विकास । उ॰—शाहजहाँ के शासन काल में मुगल साम्राज्य अपनै चरमोत्कर्प पर पहुँच चुका था ।—हिं॰ आ॰ प्र॰, पृ॰ ७ ।