चीज

विक्षनरी से
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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

चीज संज्ञा स्त्री॰ [फा़॰ चीज] वह जिसकी वास्तविक, काल्पनिक अथवा संभावित परंतु दूसरों से पृथक् सत्ता हो । सतात्मक वस्तु । पदार्थ । वस्तु । द्रव्य । जैसे,—(क) बहुत भूख लगी है, कोई चीज (खाद्य पदार्थ) हो तो लाओ । (ख) मेरे पास ओढ़ने के लिये कोई चीज (रजाई, दोहर या कोई कपडा़) नहीं हैं । (ग) उनकी सब चीजें (लोटा, थाली, कपडा़, किताबें आदि) हमारे यहाँ रखीं हुई हैं । यौ॰—चीज वस्तु = सामान । असबाब ।

२. आभूषण । गहना । जैसे,—(क) वह चीज रखकर रुपए लाए हैं । (ख) लड़की के हाथ पैर नंगे हैं, इसे कोई चीज बनवा दो । यौ॰—चीज वस्तु = जेवर आदि ।

३. गाने की चीज । राग । गीत । जैसे,—(क) कोई अच्छी चीज सुनाओ । (ख) उसने दो चीजें बहुत अच्छी सुनाई थी ।

४. विलक्षण वस्तु । विलक्षण जीव । जैसे, (क) क्या कहें मेरी अँगूठी गिर गई, वह एक चीज थी । (ख) आप भी तो एक चीज हैं ।

५. महत्व की वस्तु । गिनती करने योग्य वस्तु । जैसे,—(क) काशी के आगे मथुरा क्या चीज है । (ख) उनके सामने ये क्या चीज है ।