चूहा

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

चूहा संज्ञा पुं॰ [अनु॰ चूँ + हा (प्रत्य॰)] [स्त्री॰ अल्पा॰ चूहिया, चूही आदि] चार पैरोंवाला एक प्रसिद्ध छोटा जंतु जो प्रायः घरों या खेतों में बिल बनाकर रहता है । मूसा । मूषक । विशेष— यह समस्त एशिया, युरोप और अफ्रिका में पाया जाता है और इसकी छोटी बड़ी अनेक जातियाँ होती हैं । साधारणतः भारतीय चूहों का रंग कालापन लिए खाकी होता है, पर नीचे के भाग में कुछ सफेदी भी होती है । इसके दाँत बहुत तेज होते हैं और यह खाने पीने की चीजों के सिवा कपड़ों और दूसरी चीजों को भी काटकर बहुत हानि पहुँचाता है । कभी कभी यह मनुष्यों को भी काटता है । इसके काटने से एक प्रकार का हलका विष चढ़ता है । किसी किसी जाति के चूहे बहुत लड़ाके होते हैं और आपस में खूब लड़ते हें । इसकी मादा एक साथ कई बच्चे देती है । इस देश में विलायत से मिलते जुलते एक प्रकार के सफेद चूहे भी आदे हैं जिन्हें विलायती चूहा कहते हैं । इनके एक जोड़े से बढ़कर एक साल के अंदर कई सौ चूहे हो जाते हैं । इस जाति के चूहे प्रायः अपने बच्चो को जन्मते ही या कुछ दिनों के अंदर खा जाते हैं । साधारणतः चूहे प्रायः और विशेषतः बिल्लियों के शिकार हो जाते हैं ।