छी

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

छी ^१ अव्य॰ [सं॰ छिः] घृणासूचक शब्द । घिन प्रट करने का शब्द । अनादर या अरुचिव्यंजक शब्द । जैसे,—छी ! तुम्हें ऐसा करते लज्जा नहीं आती । मुहा॰—छी छी करना = घिनाना । अनादर, अरुचि या घृणा प्रगट करना । उ॰—वेष भये विष भावे न भूषत भोजन की कछुही नहिं ईछी । मीच के साधन सोंध सुधा, दधि दूध औ माखन आदिहु छी ! छी ।—(शब्द॰) ।

छी ^२ संज्ञा पुं॰ [अनु॰] वह शब्द जो घाट पर कपड़ा धोते समय धोबियों के मुँह से निकलता है । उ॰—घाट पर ठाढ़ी बाट पारति बटोहिन की चेटकी सी डीठ मन काको न हरति है । लटकि लटकि 'छी' करति खुले भुजमूल झुकि झुकि स्वेद कण फूल से झरति है ।—देव (शब्द॰) ।