जहाज

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

जहाज संज्ञा पुं॰ [अ॰ जहाज] बहुत अधिक बड़ी नाव जो बहुत गहरे जल विशेषतः समुद्र में चलती है । पोत । विशेष—आजकल के जहाजों का अधिकांश भाग लोहे का ही होता है और उनके चलाने के लिये भाप के बड़े बड़े इंजिनों से काम लिया जाता है । यात्रियों को ले जाने, भाल ढोने, देशों की रक्षा करने, लड़ने भिड़ने आदि कामों के लिये साधारण जहाजों की लंबाई छह सौ फुट तक होती है । यौ॰—जहाज का कौवा या काग । जहाज का पंछी = दे॰; जहाजी कौआ । उ॰—(क) सीतापति रघुनाथ जू तुम लग मेरी दौर । जैसे काग जहाज को सूझन और न ठीर ।—तुलसी (शब्द॰) । (ख) मेरी मन अनत कहाँ सुक पावै । जैसे उड़ि जहाज को पंछी फिरि जहाज पै आवै ।—सूर॰ १ । १३७८ ।