जिसमें ताव हो । जो आवेश में आकर या साहसपूर्वक काम करता हो । २. (वस्तु) जो कड़ी और सुंदरता लिए हुए हो ।
जिसमें प्रतिदिन क्षणभंगुर लय बुदबुद होते रहे प्रमीत ।—इत्यलम्, पृ॰ २५ ।
जिसमें बीच होते हैं जिसे सुखाकर मुनक्का बनाते हैं । दे॰ 'अंगूर' ।