ज्य़ौ
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]ज्य़ौ ^१ अव्य॰ [सं॰ यदि] जो । यदि । उ॰—जो न जुगुति पिय मिलन की धूर मुकुति मोहि दीन । ज्यौ लहियै सँग सजन तौ धरक नरक हू की न ।—बिहारी (शब्द॰) ।
ज्य़ौ ^१ अव्य॰ [सं॰ यदि] जो । यदि । उ॰—जो न जुगुति पिय मिलन की धूर मुकुति मोहि दीन । ज्यौ लहियै सँग सजन तौ धरक नरक हू की न ।—बिहारी (शब्द॰) ।