झंखना

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

झंखना क्रि॰ अ॰ [हिं॰ खीजना] बहुत अधिक दुखी होकर पछताना और कुढ़ना । झीखना । उ॰—(क) बरस दिव स धन रोय हार परी चिंत झंख ।—जायसी (शब्द॰) । (ख) पाँच तत्व का बना पींजरा तामें मुनियाँ रहती । उड़ि मुनियाँ डारी पर बैठे झंखन लागे सारी दुनिया ।—कबीर (शब्द॰) ।