झंखाड़

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

झंखाड़ संज्ञा पुं॰ [हिं॰ 'झाड़' का अनु॰]

१. घनी और काँटेदार झाडी़ का पौधा ।

२. ऐसे काँटेदार पौधों या झाड़ियों का घना समूह जिसके कारण भूमि या कोई स्थान ढँक जाय । उ॰— ऊँचे झाड़, कँटीले झंखाड़ों ने वन मग छाया ।—क्वासि, पृ॰ ७२ ।

३. वह वृक्ष जिसके पत्ते झड़ गए हों ।

४. व्यर्थ की और रद्दी, विशेषतः काठ की चीजों का समूह ।