टगट्टग

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

टगट्टग पु क्रि॰ वि॰ [हिं॰ टगटगी] स्थिर दृष्टि से । टकटक । उ॰—टट्टग चाहि रहे सब लोई । विष्यो वर तेज अदभ्भुत सोई ।—पु॰ रा॰, १२ । १३६ ।