टट्टर

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

टट्टर संज्ञा पुं॰ [सं॰ तट ( = ऊँचा किनारा) या सं॰ स्थान (=जो खड़ा हो)] बाँस की फट्टियों, सरकंड़ों आदि को परस्पर जोड़कर बनाया हुआ ढाँचा । जैसे,—(क) कुत्ता ट्टर खोलकर झोपड़े में घुस गया । (ख) टट्टर खोलो निखट्टू आए । (कहावत) । मुहा॰—टट्टर देना या लगाना = टट्टर बंद करना ।