टाँठ

विक्षनरी से
Jump to navigation Jump to search


हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

टाँठ वि॰ [अनु॰ ठन ठन या सं॰ स्थाणु]

१. जो सूखकर कड़ा हो गया हो । करारा । कड़ा । कठोर । उ॰—राम सों साम किए नित है हित कोमल काज न कीजिए टाँठे ।—तुलसी (शब्द॰) ।

२. डढ़ । बली । तगड़ा । मुस्टंडा ।