टूट

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

टूट ^१ † संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ त्रुटि, हिं॰ टूटना]

१. वह अंश जो टूटकर अलग हो गया हो । खंड । टूटन । संयो॰ क्रि॰—जाना । यौ॰—टूटफूट ।

२. टूटने का भाव ।

३. लिखावट में वह भूल से छूटा हुआ शब्द या वाक्य जो पीछे से किनारे पर लिख दिया जाता है । उ॰—औ विनती पँडितन मन भजा । टूट सँवारहु मेटवहु सजा ।—जायसी (शब्द॰) ।

टूट ^२ संज्ञा पुं॰ टोटा । घाटा । कमी । मुहा॰—टूट में पड़ना = घाटे में पड़ना । हानि उठाना । कमी होना । उ॰—ठूट में जाय पड़ नहीं कोई । टूटकर भी कमर न टूट सके ।—चुभते॰, पृ॰ ४७ ।