ठगमोदक

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

ठगमोदक संज्ञा पुं॰ [हिं॰ ठग + सं॰ मोदक]दे॰ 'ठगलाड़ू' । उ॰—चलत चितै मुसकाय कै मृदु बचन सुनाए । तेही ठगमोदक भए, मन धीर न, हरि तन छूछो छिटकाए ।—सूर (शब्द॰) ।