ठम्भन
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]ठंभन † संज्ञा पुं॰ [सं॰ स्तम्भन, प्रा॰ ठंभन] रुकने की स्थिति । रुकावट । उ॰—धिन यो ठंभन जग माहीं, एक हरि बिन दूजा नाहीं ।—राम॰ धर्म॰, पृ॰ २५३ ।
ठंभन † संज्ञा पुं॰ [सं॰ स्तम्भन, प्रा॰ ठंभन] रुकने की स्थिति । रुकावट । उ॰—धिन यो ठंभन जग माहीं, एक हरि बिन दूजा नाहीं ।—राम॰ धर्म॰, पृ॰ २५३ ।