ठराना

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

ठराना क्रि॰ अ॰ [हिं॰ ठहरना] ठिक जाना । स्थिर होना । ठहरना । उ॰—हरि कर चिपका निरखि तियन के नैना छबिहिं ठराई ।—नंद॰ ग्रं॰, पृ॰ ३८१ ।

ठराना पु क्रि॰ स॰ [हिं॰ ठढा = (खड़ा) + ना (प्रत्य॰), या ठहराना] खड़ा करना । तैयार करना । बनाना । ठहराना । उ॰—जमी के तले यक ठरा कर मकान ।—दक्खिनी॰, पृ॰ ३३६ ।