ठाटर

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

ठाटर संज्ञा पुं॰ [हिं॰ ठाट]

१. बाँस की फठ्ठियों और फूस आदि को जोड़कर बनाया हुआ ढाँचा जो छाजन या परदे के काम में आता है । ठाट । टट्टर । टट्टी ।

२. ठठरी । पंजर ।

३. ढाँचा ।

४. कबूतर आदि के बैठने की छतरी जो टट्टर के रूप में होती है ।

५. ठाटबाट । बनाव । सिंगार । सजावट । उ॰—ठठिरिन बहुतय ठाटर कीन्ही । चली अहीरिन काजर दीन्हीं ।—जायसी (शब्द॰) ।