ढंकना

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

ढंकना पु क्रि॰ स॰ [सं॰ छादय, प्रा॰ धा॰ ढवक, ढंक] दे॰ 'ढकना' । उ॰—(क) बिमरत केस पुरुष नहिं अंकिय । प्रथीराज देखत सिर ढंकिय ।—पू॰ रा॰, ६१ । ७१४ । (ख) समाझि दासि सिर बर तिन ढंक्यौ ।—पृ॰ रा॰, ६१ । ७१९ ।