ढढे़सुरी
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]ढढे़सुरी † संज्ञा पुं॰ [हिं॰ ठाढ़ + सं॰ ईश्वर] दे॰ 'ढाठेश्वरी' । उ॰— कोउ बाँह को उठाअ ढढेसुरी कहाइ, जाइ कोउ ते भवन कोउ नगन बिचार है ।— भीखा श॰, पृ॰ ५५ ।
ढढे़सुरी † संज्ञा पुं॰ [हिं॰ ठाढ़ + सं॰ ईश्वर] दे॰ 'ढाठेश्वरी' । उ॰— कोउ बाँह को उठाअ ढढेसुरी कहाइ, जाइ कोउ ते भवन कोउ नगन बिचार है ।— भीखा श॰, पृ॰ ५५ ।