ढाढ़स

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

ढाढ़स संज्ञा पुं॰ [सं दृढ़ प्रा॰ डिढ]

१. संकट, कठिनाई या विपत्ति के समय चित्त की स्थिरता । धैर्य । धीरज । शांति । आश्वासन । सांत्वना । तसल्ली । उ॰— क्यों भला काम लें न ढाढ़स से । क्यों लगे ढाढ़ मारकर रोने ।— चुभते॰, पृ॰, ५२ । क्रि॰ प्र॰—होना । मुहा॰—ढाढ़स देना या बाँधना = बचनों से दुखी चित्त को शांत करना । तसल्ली देना ।

२. दृढ़ साहस । हिम्मत । मुहा॰— ढाढ़स बाँधना = साहस उत्पन्न करना । उत्साहित करना ।