तक

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

तक ^१ अव्य॰ [सं॰ तावत्क, ताअक्क, तक्क, तक] एक विभक्ति जो किसी वस्तु या व्यापार की सीमा अथवा अवधि सूचित करती है । पर्यत । जैसे,—वे दिल्ली तक गए हैं । परसों तक ठहरो । दस रुपए तक दे देंगे । उ॰—जो पल तकिया छोड़ि दृग सकै न तुव तक आइ । दरस भीख उनकौ कहाँ दीजत नहिं पहुँचाइ ।—रसनिधि (शब्द॰) ।

तक ^२ संज्ञा स्त्री॰ [पं॰ तकड़ी]

१. तराजू ।

२. तराजू का पल्ला ।

तक ^३ संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰] दे॰ 'टक' । उ॰—अति बल जल बरसत दोउ लोचन दिन अरु रइन रहत एकहि तक ।— तुलसी (शब्द॰) ।