तकड़ी

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

तकड़ी ^१ संज्ञा स्त्री॰ [देश॰] एक प्रकार की घास जो रेतीली जमीन में बारह महीने खूब पैदा होती है । चरमरा । हैग । विशेष—इसे घोड़े बहुत चाव से खाते हैं । इसकी फसल साल में ६ या ७ बार हुआ करती है ।

तकड़ी † संज्ञा पुं॰ [देश॰] तराजू (पंजाब) । उ॰—तकड़ी के एक पलड़े में तो उसके सब पाप रखे और एक पलड़े में भग- वन्नाम रखा, तो पापवाला पलड़ा हलका हो गया ।—राम॰ धर्म॰, पृ॰ २९५ ।