तमंचा

विक्षनरी से
Jump to navigation Jump to search


हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

तमंचा संज्ञा पुं॰ [फा़॰ तमंचह्]

१. छोटी बंदूक । पिस्तौल । क्रि॰ प्र॰—चलाना —दागना —मारना —छोड़ना । यौ॰—तमंचे की टाँग = कुश्ती का एक पेंच जिसमें शत्रु के पेट में घुस आने पर बाएँ हाथ से कमर पर से उसका लँगोट पकड़ लेते हैं और उसकी दाहिनी बगल से अपना बायाँ पाँव चढ़ाकर पीठ पर से उसकी बाई जाँघ फँसाते और उसे चित कर देते हैं

२. एक लंबा पत्थर जो दरवाजों की मजबूती के लिये बगल में लगाया जाता है ।