तोता

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हिन्दी[सम्पादन]

तोता
तोता

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

तोता संज्ञा पुं॰ [फा़॰]

१. एक प्रसिद्ध पक्षी जिसके शरीर का रंग हरा और चोंच का लाल होता है । कीर । सुआ । विशेष—इसकी दुम छोटी होती है और पैरों में दो आगे और दो पीछे इस प्रकार चार उँगलियाँ होती हैं । ये आदमियों की बोली की बहुत अच्छी तरह नकल करते हैं, इसलिये लोग इन्हें घर में पालते हैं और 'राम राम' था छोटे मोटे पद सिखलाते हैं । ये फल या मुलायम अनाज खाते हैं । तोते की छोटी, बड़ी सैकड़ों जातियाँ होती हैं जिनमें से अधिकाँस फलाहारी और कुछ मांसाहारी भी होती हैं । तोते साधारण छोटी चिड़ियों से लेकर तीन फुट तक की लंबाई के होते हैं । कुछ जातियों के तोतों का स्वर तो बहुत मधुर और प्रिय होता है और कुछ का बहुत कटु तथा अप्रिय । इनमें नर और मादा का रंग प्राय: एक सा ही होता है । अमेरिका में बहुत अधिक प्रकार के तोते पाए जाते हैं । हिरामन, कातिक, नूरी, काकातूआ आदि तोते की जाति के ही हैं । तीतर, मुरगे, मोर, कबूतर आदि पक्षी जिस स्थान पर बहुत दिनों तक पाले जाते हैं यदि कभी लड़कर इधर उधर चले जाँय तो प्राय: फिर लौटकर उसी स्थान पर आ जाते हैं पर साधारण तोते छूट जाने पर फि र अपने पालनेवाले के पास प्राय: नहीं आते । इसलिये तोतों की बेमुरौवती मशहूर है । मुहा॰—हाथों के तोते उड़ जाना = बहुत घबरा जाना । सिर पीटा जाना । तोते की तरह आँखें फेरना या बदलना = बहुत बेमुरौवत होना । तोते की तरह पढ़ना = बिना समझे बूझे रटना । तोता पालना = किसी दोष, दुर्व्यसन या रोग को जान बूझकर बढ़ाना । किसी बुराई या बीमारी से बचने का कोई प्रयत्न न करना । यौ॰—तोताचश्म । तोताचश्मी ।

२. बंदूक का घोड़ा ।