थलकना

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

थलकना क्रि॰ अ॰ [सं॰ स्थूल, हिं॰ थूला, थुलथुला]

१. कसा या तना न रहने के कारण झोल खाकर हिलना या फूलना पच- कना । झोल पड़ने के कारण ऊपर नीचे हिलना । ।उ॰— थोंद थलकि बर चाल, मनों मृदंग मिलावनो ।—नंद॰ ग्रं॰, पृ॰ ३३४ ।

२. मोटाई के कारण शरीर के माँस का हिलने डोलने में हिलना । थलथल करना ।