दंती

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

दंती संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ दन्ती] अंडी की जाति का एक पेड़ । विशेष—दंती दो प्रकार की होती है—एक लघुदंती और दूसरी बृहद्दंती । लघुदंती के पत्ते गूलर के पत्तों के ऐसे होते हैं और बृहद्दंत्ती के एरंड अंडी के से । इसके बीज दस्तावर होते हैं और जमालगोटे के स्थान पर औषध में काम आते हैं । वैद्यक में दंती, कटु उष्ण और तृषा, शूल, बवासीर, फोड़े आदि को दूर करनेवाली मानी जाती है । दंती के बीज अधिक मात्रा में देने से विष का काम करते हैं । पर्या॰—शीघ्रा । निकुंभी । नागस्फोटा । दंतिनी । उपचिता । भद्रा । रुक्षा । रेचनी । अनुकूला । निःशल्पा । विशल्या । मधुपुष्पा । एरंडफला । तरणी । एरंडपत्रिका । विशोधनी । कुंभी । उदुंबरदला । प्रत्यकपर्णी ।

दंती ^२ संज्ञा पुं॰ [सं॰ दन्तिन्]

१. हस्ती । हाथी । गज । उ॰— झलते थे श्रुति तालवृंत दंती रह रहकर ।—साकेत, पृ॰ ४१४ ।

२. गणेश । गजानन ।

३. पर्वत ।

४. सोम । चंद्रमा (को॰) ।

५. व्याघ्र । मृगाधिप (को॰) ।

६. क्रोड़ । अंकोर । गोद (को॰) ।

७. श्वान । कुत्ता (को॰) ।

दंती ^३ वि॰ दाँतावाला । जिसके दाँत हों [को॰] ।