दया

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

दया संज्ञा स्त्री॰ [सं॰]

१. मन का वह दुःखपूर्ण वेग जो दूसरे के कष्ट को दूर करने की प्रेरणा करता है । सहानुभूति का भाव । करुणा । रहम । क्रि॰ प्र॰—आना ।—करना । यौ॰—दया दृष्टि । विशेष— जिसके प्रति दया की जाती है उसके वाचक शब्द करे साथ 'पर' विभक्ति लगती है । जैसे, किसी पर दया आना, किसी पर (या किसी के ऊपर) दया करना । शिष्टाचार के रूप में भी इस शब्द का व्यवहार बहुत होता है । जैसे, किसी ने पूछा 'आप' अच्छी तरह' ? उत्तर मिलता है ।— 'आपकी दया से' ।

२. दक्ष प्रजापति की एक कन्या जो धर्म को ब्याही गई थी ।