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दर्शन

विक्षनरी से

संज्ञा

दर्शन

  1. देखना, साक्षात्कार
  2. किसी महान व्यक्ति या देवता को देखने का अवसर।

उच्चारण

(Delhi) आईपीए(कुंजी): /d̪əɾ.ʃən/, [d̪əɾ.ʃə̃n̪]

उदाहरण वाक्य

  • भक्तों ने मंदिर में भगवान के दर्शन किए।
  • दर्शन शास्त्र जीवन के गूढ़ प्रश्नों पर विचार करता है।

प्रकाशितकोशों से अर्थ

शब्दसागर

दर्शन संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. वह बोध जो दृष्टि के द्वार हो । चाक्षुष ज्ञान । देखादेखी । साक्षात्कार । अवलोकन । क्रि॰ प्र॰—करना ।—होना । मुहा॰— दर्शन देना = देखने में आना । अपने को दिखाना । प्रत्यक्ष होना । दर्शन पाना = (किसी का) साक्षात्कार होना । विशेष— हिंन्दी काव्य में नायक नायिका का परस्पर दर्शन चार प्रकार का माना गया है— प्रत्यक्ष, चित्र, स्वप्न और श्रवण ।

२. भेंट । मुलाकात । जैसे,— चार महीने पीछे फिर आपके दर्शन करूँगा । विशेष— प्राय बड़ों के ही प्रति इस अर्थ में इस शब्द का प्रयोग होता है ।

३. वह शास्त्र जिससे तत्वज्ञान हो । वह विद्या जिससे तत्वज्ञान हो । वह विद्या जिससे पदार्थों के धर्म, कार्य- कारण- संबंध आदि का बोध बोध हो ।