दिमाग

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

दिमाग संज्ञा पुं॰ [अ॰ दिमाग]

१. सिर का गूदा । मस्तिष्क । भेजा । मुहा॰— दिमाग खाना या चाटना = व्यर्थ की बातें कहना जिससे किसी के सिर में दर्द होने लगे । बहुत बकवाद करना । जैसे,— आजकल वे रोज सवेरे आकर दिमाग चाटते (या खाते) हैं । दिमाग खाली करना = दिमाग चाटना । ऐसा काम करना जिसमें मानसिक शक्ति का बहुत अधिक व्यय हो । मगजपच्ची करना । जैसे,— उन्हें सब बातें समझाने के लिये हमें घंटों दिमाग खाली करना पड़ा । दिमाग चढ़ना या आस्मान पर होना = बहुत अधिक घमंड होना । अभिमान होना । दिमाग न पाया जाना या न मिलना = दिमाग चढ़ना । दिमाग परेशान करना = दे॰ 'दिमाग खाली करना ' । दिमाग में खलल होना = मस्तिष्क में ऐसा विकार उत्पन्न होना । जिससे विवेक शक्ति न रह जाय । सिड़ी होना । पागल होना । यौ॰— दिमागचट । दिमाग रौशन ।

२. मानसिक शक्ति । बुद्धि । समझ । जैसे,—(क) उनका दिमाग अच्छा है, सब मामला बहुत जल्दी समझ लेते हैं । (ख) जरा दिमाग लगाओ, कोई उपाय निकल ही आवेगा । मुहा॰— दिमाग लड़ाना = बहुत अच्छी तरह विचार करना ।