धनिष्ठा

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

धनिष्ठा संज्ञा स्त्री॰ [सं॰] सत्ताईस नक्षत्रों में से तेईसवाँ नक्षत्र जो ९ ऊर्ध्वमुख नक्षत्रों में से है और जिसमें पाँच तारे संयुक्त हैं । इसके अधिपति देवता वसु हैं और इसकी आकृति मृदंग की सी है । फलित ज्योतिष के अनुसार धनिष्ठा नक्षत्र में जिसका जन्म हो वह दीर्घकाय, कामातुर, कफयुक्त, उत्तम शास्त्रवेत्ता और कीर्त्तिमान् होता है । पर्या॰—श्रविष्ठा । वसुदेवता । भूति । निधान । धनवती । विशेष— दे॰ 'नक्षत्र' ।