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धात्री

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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धात्री संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. माता । माँ ।

२. वह स्त्री जो किसी शिशु को दूध पिलाने और उसका लालन पालन करने के लिये नियुक्त की जाय । दाई । उ॰— धात्री कहिए आँवले धात्री धाय बखान ।—अनेकार्थ॰, पृ॰, १३६ ।

३. गायत्री स्वरूपिणी भगवती ।

४. गंगा ।

५. आँवला ।

६. भूमि । पृथ्वी ।

७. सेना । कौज ।

८. गाय ।

९. आर्या छंद का एक भेद जिसमें १९ गुरु और १९ लघु मात्राएँ होती हैं ।